बजट 2020: अपनी कमाई बढ़ाने के लिए सरकार डालेगी आपकी जेब पर बोझ!

नई दिल्ली। बजट 2020 कई मायनों में खास है। खासकर आर्थिक सुस्ती के बीच यह बजट आ रहा है। ऐसे में सरकार पर आय बढ़ाने का प्रेशर होगा। जिसके लिए सरकार बजट 2020 में कुछ कढ़े फैसले भी ले सकती है। जिसका असर देश की आम जनता पर पड़ेगा। भारत सरकार अपने पड़ोसी देश चीन सहित कई देशों से आने वाले सामान पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है। यह इंपोर्ट ड्यूटी 56 अरब डॉलर के सामान पर होगी। जिन सामानों पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है उसमें इलेट्रोनिक्स, इलेक्ट्रिकल्स, मेडिसिन और हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स शामिल हैं। इंपोर्ट ड्यूटी बढऩे से मोबाइल फोन चार्जर्स, औद्योगिक रसायन, लैंप्स, लकड़ी के फर्नीचर, कैंडल्स, ज्वेलरी तथा हथकरघा उत्पादों की कीमतों में इजाफा हो सकता है।

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इंपोर्ट ड्यूटी में हो सकता है 5 से 10 फीसदी तक का इजाफा
जानकारी के अनुसार सरकार की ओर से कई प्रोडक्ट्स की पहचान की की गई है, जिसमें इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ाई जा सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई कितनी जाएगी? इस सवाल का भी जवाब मिल गया है। वित्त मंत्रालय और एक व्यापार समिति की सिफारिशों के अनुसार 5 से 10 फीसदी की तक इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ाया जा सकता है। आपको बता दें कि पिछले बजट 2019 में गोल्ड इंपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी को बढ़ा दिया गया था। जिसे 10 फीसदी से 12.5 फीसदी कर दिया गया था।

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ये लोग होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित
केंद्र सरकार के इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के फैसले से स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर्स सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। वास्तव में जो मैन्युफैक्चरर्स मोबाइल चार्जर्स के अलावा अन्य कंपोनेंट्स जैसे वाइब्रेटर मोटर्स तथा रिंगर्स का आयात करते हैं, उन पर सबसे ज्यादा बोझ बढऩे के आसार हैं। वहीं दूसरी ओर आइकिया जैसी कंपनियों पर भी इंपोर्ट ड्यूटी पर असर पडऩे के आसार हैं। आइकिया पहले ही भारत की कस्टम ड्यूटी को बड़ी चुनौती करार दे चुकी है।

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ये है इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का उद्देश्य
जानकारों की मानें तो इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य गैर जरूरी प्रोडक्ट्स को आयात करने से रोकना है। आयात शुल्क में इजाफा करने से चीन के सस्ते आयात से प्रभावित स्थानीय मैन्युफैक्चरर्स, आसियान तथा अन्य देशों को आपस में प्रतिस्पर्धा का मौका मिलेगा, जिनका भारत के साथ व्यापार समझौता है। पांच साल पहले जब केंद्र में पहली बार मोदी सरकार सत्ता में आई थी तब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस तथा अन्य सेक्टर्स में ज्यादा से ज्यादा विदेशी निवेश को बढ़ावा की खातिर आयात पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं।



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