छोट व्यापारियों ने ट्रंप के दौरे से हैं काफी उम्मीदें, क्या लगा पाएंगे ई-कॉमर्स कंपनियों पर लगाम?
नई दिल्ली। अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले डोनाल्ड ट्रंप का भारत दौरा काफी अहम है। जहां डोनाल्ड ट्रंप भारतीय व्यापारियों को रिझाने की कोशिश करेंगे। वहीं दूसरी ओर भारत सरकार व्यापार को लेकर कुछ ऐसी डील करने की कोशिश करेगी, जिससे देश की इकोनॉमी को फायदा हो। ऐसे में देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन में से एक कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट ) को अमरीकी राष्ट्रपति के इस दौरे से काफी उम्मीदें हैं। patrika.com से विशेष बातचीत में कैट ने कहा कि देश की सरकार और अमरीकी राष्ट्रपति के बीच होने वाली ट्रेड डील में व्यापारियों का खास ध्यान रखा जाना काफी जरूरी है। वहीं उन्होंने दो ऐसी प्रमुख मांगों को भी सामने रखा जो काफी जरूरी है। जिनमें से पहली मांग अमरीका और भारत के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए ट्रेड कॉरिडोर बने और अमरीकी राष्ट्रपति अमरीका की ई-कॉमर्स कंपनियों को हिदायत दें कि भारत में व्यापार यहां के नियमों का पालन करते हुए करें।
यह भी पढ़ेंः- अमरीकी चुनाव का क्रूड ऑयल कनेक्शन, जानिए कैसे बदलते हैं समीकरण
घरेलू उद्योगों का नुकसान ना हो
कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल के अनुसार छोटे व्यापारियों के लिहाज से अमरीकी राष्ट्रपति का भारत दौरा काफी अहम है। दोनों देशों के बीच इस दौरान कई फैसले और डील होनी हैं। जिससे दोनों देशों को काफी फायदा होने के आसार हैं। ऐसे में भारत सरकार और अमरीकी राष्ट्रपति को देश के छोटे व्यापारियों के बारे में भी सोचना होगा। इस बात का ध्यान रखना होगा कि देश के छोटे व्यापारियों और उद्योगों को किसी तरह का नुकसान ना हो। दोनों देशों की ट्रेड डील में छोटे उद्योगों को बढ़ाने की बात हो तो इसका फायदा देश की इकोनॉमी को भी होगा।
यह भी पढ़ेंः- GDP कम, Export कम, ऐसे विकसित देश में Trump आपका Welcome
ई-कॉमर्स कंपनियों की धांधली को रोका जाए
प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि मौजूदा समय में देश के छोटे रिटेलर्स को सबसे ज्यादा नुकसान ई-कॉमर्स कंपनियों से हो रहा है। ई-कॉमर्स कंपनियां देश के नियमों और कानूनों का सही से पालन नहीं कर रही हैं। जिसका खामियाजा देश के करोड़ों रिटेलर्स को भुगतना पड़ रहा है। संगठन की मांग है कि भारत सरकार छोटे रिटेलर्स को ध्यान में रखते हुए अमरीकी ई-कॉमर्स कंपिनयों की धांधलियों को डोनाल्ड ट्रंप के सामने रखे और भारत में व्यापार के लिए यहां की पॉलिसी और कानून का पालने करने का दबाव बनवाए। आपको बता दें कि कैट काफी समय से ई-कॉमर्स कंपनियों का विरोध करता रहा है। देश के कई हिस्सों में संगठन ने ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन भी किए हैं।
यह भी पढ़ेंः- गिरती जीडीपी और बढ़ती महंगाई के बीच भारत बना 'विकसित देश'!
भारत और अमरीका के बीच बने ट्रेड कॉरिडोर
कैट के अनुसार मौजूदा समय में भारत अमरीका के व्यापारिक दृष्टिकोण से काफी अहम साझेदार है। साउथ एशिया में मार्केट कायम करने के लिए अमरीका भारत रास्ते जा रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच अब एक ट्रेड कॉरिडोर काफी जरूरी हो गया है। ताकि भारत के व्यापारियों को फायदा ज्यादा ये ज्यादा हो सके। दोनों देशों के बीच जितना व्यापार होगा। देश की इकोनॉमी को उतना ही फायदा होगा। साथ मौजूदा समय में जिन सामानों का निर्यात हम अमरीका तक नहीं कर पा रहे हैं उन्हें कॉरिडोर के माध्यम से सीधे तौर पर कर सकेंगे।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2SSWdWz
via IFTTT
Post a Comment
0 Comments