Petrol Diesel Price Today : 6 दिन के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर, क्रूड ऑयल 54 डॉलर से नीचे

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण चीन के साथ दुनिया भर में खौफ का माहौल पैदा हो गया है। वहीं चीन की ओर से कच्चे तेल की डिमांड भी लगातार कम होती दिखार्द दे रही है। जिसकी वजह से इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम 54 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गए हैं। वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमत में स्थिरता देखने को मिली है। 6 दिन लगातार कटौती के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमत में स्थिरता देखने को आई है। जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमत में और कटौती देखने को मिल सकती है।

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पेट्रोल और डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। देश के चारों महानगरों में पेट्रोल और डीजल के दाम मंगलवार वाले ही लागू रहेंगे। पेट्रोल की कीमत की बात करें तो मंगलवार को कटौती के बाद देश के चारों महानगरों नई दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम क्रमश: 72.98, 75.65, 78.63 और 75.83 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। वहीं डीजल की कीमत की बात करें तो नई दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में क्रमश: 66.04, 68.41, 69.22 और 69.76 रुपए प्रति लीटर चुकाने होंगे।

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54 डॉलर से नीचे आया क्रूड ऑयल
अंतर्राष्टरीय बाजार इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर कच्चे तेल के दाम में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। ब्रेंट क्रूड का दाम 54 डॉलर प्रति बैरल से नीचे जबकि अमरीकी क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) 50 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। आईसीई पर बुधवार को को ब्रेंट क्रूड के अप्रैल अनुबंध में पिछले सत्र के मुकाबले 0.49 फीसदी की गिरावट के साथ 53.96 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था। डब्ल्यूटीआई के मार्च अनुबंध में पिछले सत्र के मुकाबले 49.73 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था।

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चीन की वजह से डिमांड में कमी
चीन में कोरोना वायरस के कारण डिमांड में काफी कमी आ चुकी है। मांग में कमी की वजह से चीन सऊदी अरब से मार्च अनुबंध में कटौती कर चुका है। वहीं सिनोपेक की ओर से इस महीने अपने रिफाइनरी उत्पादन में 600,000 बीपीडी की कटौती कर चुका है। कोरोना वायरस के कारण चीन के अंदर और बाहर जाने पर कड़े प्रतिबंध लग गए हैं। जिसकी वजह से चीन के तेल की मांग में इस साल सामान्य मांग की तुलना में 20 गिरावट फीसदी की गिरावट आ गई है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, यह 20 फीसदी प्रति दिन लगभग 3 मिलियन बैरल हैं।



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