इस वित्त वर्ष में पांच हजार करोड़ की खादी बिकेगी, तीन साल में 50 लाख को रोजगार मिलेगा : केवीआईसी चेयरमैन

नई दिल्ली. खादी एंड विलेज इंडस्ट्रीज कमीशन (केवीआईसी) की अगले तीन वर्ष में 50 लाख लोगों को रोजगार देने की योजना है। यही नहीं, सालाना 28% की दर से खादी की मांग भी बढ़ रही है। मार्च 2020 तक आयोग की योजना 5,000 करोड़ रुपए की खादी बेचने की है। देश में रोजगार, खादी की स्थिति और आयोग की विभिन्न योजनाओं पर आयोग के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना से दैनिक भास्कर के डिप्टी एडीटर धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया ने बात की।

वित्त वर्ष 2019-20 के लक्ष्य की क्या स्थिति है?
खादी ब्रांड के वर्तमान में करीब तीन हजार प्रोडक्ट बन रहे हैं। 31 मार्च तक हम 5,000 करोड़ रु. का टर्नओवर कर लेंगे। खादी और विलेज इंडस्ट्रीज का टर्नओवर मिलाकर एक लाख करोड़ रु. तक पहुंच जाएगा।

प्रोडक्ट और आउटलेट्स के लिहाज से विस्तार की क्या योजना है?
इस वक्त हमारे पास देश में आठ हजार 90 आउटलेट्स हैं। अब चार हजार हमारे आउटलेट्स वातानुकूलित और आधुनिक हैं।

खादी विलेज नया क्या करने जा रहा है?
अभी हमने टाइटन के साथ मिलकर खादी घड़ी लॉन्च की है, जिसका स्ट्रैप, डायल भी खादी का है। डायल के अंदर चरखा है। स्ट्रैप बनाने की यूनिट लगाने वाले हैं जिससे लोगों को रोजगार मिलेगा। दो महीने में हम खादी-वूलन के हाईएंड फुटवियर लॉन्च करने वाले हैं। अब पटोला साड़ी पहनने वाली महिला, उसी मैचिंग के पटोला सेंडल पहन सकेगी। केवीआईसी की फ्लैगशिप स्कीम हनी मिशन (शहद मिशन) भी है। हमारे यहां 200 तरह का हनी लोग बना रहे हैं। देश का शहद उत्पादन में आठवां नंबर है।

अभी भी खादी शौक के तौर पर और शहरों तक ही सीमित है, गांवों तक नहीं बढ़ पा रही है। क्यों?
2004 से 2014 तक खादी की देश में ग्रोथ 6.8 फीसदी दर्ज की गई। जबकि 2015 के बाद से अब तक 28 फीसदी की ग्रोथ है। हमारे 60 फीसदी स्टोर छोटे शहरों में भी है। हाथ से बना और हाथ से कता ही खादी है। इसलिए बहुत अधिक बढ़ोत्तरी की उम्मीद नहीं कर सकते।

2019-20 के दौरान 77 हजार से ज्यादा प्रोजेक्ट शुरू होंगे

केवीआईसी कितने जॉब देने जा रही है?
तीन साल में कम से कम 50 लाख लोगों को रोजगार देंगे। अगले तीन वर्ष में 5 लाख करोड़ का कारोबार का लक्ष्य है।

इतने अधिक रोजगार कैसे दे पाएंगे?
हमारा लक्ष्य है, वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान 77 हजार 579 प्रोजेक्ट लगाना। 6 लाख से ज्यादा रोजगार तो हम मार्च तक ही दे देंगे। समय सीमा में तय लक्ष्य पा लेंगे।

अभी भी यह समस्या है कि कौन सा शुद्ध या उच्च क्वालिटी का प्रोडक्ट है?
हमारे प्रोडक्ट के न्यूनतम मानक तय हैं लेकिन प्रोडक्ट विशेष में कोई कुछ अतिरिक्त डाल रहे हैं तो उसकी छूट है।



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Khadi and Village Industries Commission (KVIC) Chairman Vinai Kumar Saxena Interview


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