यूएस फेडरल बैंक ने ब्याज दर घटाकर शून्य के करीब किया, न्यूजीलैंड केंद्रीय बैंक ने भी 75 बेसिस पॉइंट की कटौती की

बिजनेस डेस्क. कोरोना वायरस के कारण मंदी की गिरफ्त में फंसती जा रही वैश्विक अर्थव्यवस्था को बचाने की जंग में अब दुनियाभर के केंद्रीय बैंक आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में यूएस फेडरल रिजर्व बैंक (फेड) ने बेंचमार्क ब्याज दर जो एक फीसदी से 1.25 फीसदी था उसे घटाकर शून्य से 0.25 फीसदी कर दिया है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर में एक फीसदी की कटौती की है। इससे पहले तीन मार्च को फेड ने ब्याज दर में 0.5 फीसदी की कटौती की थी। फेड ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 700 अरब डॉलर डालने का भी फैसला किया है। उसने 500 अरब डॉलर और 200 अरब डॉलर के सरकारी बांड खरीदने की घोषणा की है। वहीं न्यूजीलैंड के केंद्रीय बैंक ने भी आपातकालीन बैठक के बाद सोमवार को ब्याज दरों में 75 बेसिसपॉइंट की कटौती की है।

यूएईकेंद्रीय बैंक ने की 27 अरब डॉलर के राहत पैकेज की घोषणा

इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के केंद्रीय बैंकने रविवार को अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए 27 अरब डॉलर के राहत पैकेज की घोषणा की थी। इसके तहत यूएई के बैंकों को सपोर्ट किया जाएगा और विभिन्न नियामकीय सीमाओं में ढील दी जाएगी। मध्य पूर्व के लगभग सभी देशों ने अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं में तेजी लाने की कोशिश करने का वादा किया है। सऊदी अरब ने अलग से 13 अरब डॉलर की राहत पैकेज की घोषणा की है।


आरबीआई ने शुक्रवार को 1.5 अरब डॉलर बेच डाले
मीडिया रिपोट्सके मुताबिक भारत के केंद्रीय बैंक भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपए को संभालने के लिए शुक्रवार को 1.5 अरब डॉलर बेच डाले। हालांकि आरबीआई ने इसकी पुष्टि नहीं की है। आरबीआई के इस कदम से शुक्रवार को रुपया एशिया में दूसरा सर्वाधिक उछाल दिखाने वाली मुद्रा बन गया। रुपया डॉलर के मुकाबले 74.50 के ऐतिहासिक निचले स्तर से संभल गया और गुरुवार के मुकाबले 48 पैसे उछलकर 73.80 पर बंद हुआ। रुपए ने इससे पहले अक्टूबर 2018 में 74.48 का रिकॉर्ड निचला स्तर देखा था। आरबीआई ने कहा कि वह स्थिति पर नजर रखे हुए है। मनी, डेट और फॉरेक्स बाजार में नकदी और स्थिरता बनाए रखने के लिए वह सभी जरूरी कदम उठाएगा। आरबीआई ने गुरुवार को कहा था कि बाजार को राहत देने के लिए वह कई चरणों में 6 महीने की अवधि वाले डॉलर बाय/सेल स्वैप को अंजाम देगा। इसके तहत बैंक आरबीआई से डॉलर खरीदेंगे। पहले चरण के तहत आरबीआई सोमवार को बैंकों को दो अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी डॉलर बेचेगा।


अमेरिका, चीन और जापान ने भी खोली अपनी तिजारियां
शुक्रवार रात अमेरिका के फेडरल रिजर्व (फेड) ने 1-3 महीने की अवधि वाले एक लाख करोड़ डॉलर के रेपो ऑपरेशन की घोषणा की। इसी सप्ताह फेडरल रिजर्व अपनी ब्याज दरों की समीक्षा भी करने वाला है। दुनियाभर के निवेशक की यह जानना चाहेंगे कि फेड मौद्रिक नीति समीक्षा में क्या फैसला करता है। चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) ने बैंकों के रिजर्व रिक्वायरमेंट अनुपात को 0.5 फीसदी घटाकर एक फीसदी कर दिया। बैंक ऑफ जापान ने भी बांड खरीद कार्यक्रम की घोषणा कर दी। आईसीआईसीआई बैंक के ग्लोबल मार्केट प्रमुख बी प्रसन्ना ने कहा कि केंद्रीय बैंकों द्वारा उठाए गए इन्हीं कदमों के कारण शुक्रवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में रिकवरी हुई व उभरते बाजारों की मुद्रा भी संभली। इस बीच दक्षिण कोरिया के नियामक ने शेयर बाजार में 6 महीने के लिए शॉर्ट सेलिंग पर रोक लगा दी और शेयर बायबैक के नियम ढीले कर दिए।


डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों में फैल चुका है वायरस
कोरोना वायरस का संक्रमण 100 से अधिक देशों के 1,50,000 से अधिक लोगों में फैल चुका है। इसके कारण 5,700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। मध्य पूर्व में सबसे ज्यादा संक्रमण ईरान में फैला है। ईरान में करीब 13,000 लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं और 600 से ज्यादा की मौत हो चुकी है। हालांकि दुनियाभर में 70,000 से ज्यादा लोग संक्रमण से बाहर निकल चुके हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
corona ; banking ; market ; US Federal Reserve Bank slashes rates to near zero, rolls out massive stimulus in emergency coronavirus move, New Zealand central bank also cut 75 basic points


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2ILEdZT
via ATGNEWS.COM

Post a Comment

0 Comments