बैंकों के मर्जर के बाद किस तरह का होगा आपके लोन ईएमआई का स्टेटस
नई दिल्ली। एक अप्रैल 2020 से देश के 10 बैंकों को मिलाकर 4 बैंकों में तब्दील कर दिया गया। जब भी बैंकों का मर्जर हुआ है, देश के उन तमाम खाताधारकों के मन में सिर्फ आईएफएससी कोड, अकाउंट नंबर और चेकबुक जैसे सवाल ही कौंधते रहे हैं, लेकिन मौजूदा समय में जिस माहौल और आरबीआई की घोषणाओं के बाद बैंकों का मर्जर हुआ है, जो सवाल लोगों के दिल और दिमाग में छाए हुए हैं वो है उनकी लोन ईएमआई, उससे जुड़े कागजात, वो तमाम सवाल जो उनके लोन से जुड़े हुए हैं। वास्तव में जिन बैंकों का अस्तित्व खत्म हुआ है उन बैंकों के ग्राहकों ने भी कई तरह के लोन लिए हुए हैं। अब वो एक नए बैंक के खाताधारक हैं। ऐसे में क्या कुछ नियमों में बदलाव होगा, ब्याज दरों में किसी तरह की कटौती और बढ़ोतरी होगी। यही सवाल कुछ ऐसे हैं जो लोगों को परेशान कर रहे हैं। आइए ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब देने का प्रयास करते हैंज्
सवाल: बैैंक मर्जर के बाद लोन की ब्याज दरों में बदलाव होगा या नहीं?
जवाब: बहुत से लोगों के मन में यह सवाल कौंध रहा है, वास्तव में मौजूदा खाताधारकों के लिए ब्याज दर लीगल कांट्रैक्ट के अनुसार ही ही रहेंगी, जब तक किसी तरह का बदलाव कानूनी स्तर से नहीं होगा। वहीं नए कस्टमर के लिए ब्याज दरों की सूची वेबसाइट में अपडेट की जाएंगी।
सवाल: बैंक मर्जर के बाद चल रहे लोन के डॉक्युमेंट्स दोबारा जमा कराने होंगे?
जवाब: जब भी दो से तीन बैंकों का मर्जर किसी एक बैंक में होता है तो लोन के जुड़े डॉक्युमेंट्स को दोबारा से सब्मिट कराने की कोई जरुरत नहीं होती है। वहीं अगर कोई दस्तावेज पहले से ही छूटा हुआ हो तो उसके लिए नया बैंक आपसे डॉक्युमेंट मंगा सकता है।
सवाल: बैंक मर्जर के बाद लोन प्री-क्लोजर, ट्रांसफर जैसी सुविधाओं का लाभ ग्राहकों को मिलेगा?
जवाब: आपको इस बारे में किसी तरह की चिंता करने की जरुरत नहीं है। अगर बैंकों का विलय होता है तो आप इन सुविधाओं का लाभ आसानी से बैंक ब्रांच में जाकर ले सकते हैं।
सवाल: क्या ओवरड्राफ्ट और कैश क्रेडिट की सुविधा से तो वंचित या बदलाव तो नहीं किया जाएगा?
जवाब: ओवरड्राफ्ट एवं कैश क्रेडिट जैसी सुविधाओं का नवीनीकरण बैंक मर्जर के बाद भी आसानी से हो जाएगा। अगर इसमें किसी तरह का बदलाव भी होता है तो इस बात की जानकारी पहले ही बता दिया जाएगा।
आखिर किन बैंकों का किस बैंक के साथ हुआ है विलय
केनरा बैैंक और सिडेंकेट बैंक का आपस में मर्जर हुुआ है। इंडियन बैंक का इलाहाबाद बैंक में मर्जर, पंजाब नेशनल बैंक के साथ ओबीसी और युुनाइटेड बैंक का मर्जर हुुआ है। यूनियन बैंक के साथ आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का मर्जर हुआ है।
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