यूनिकॉर्न स्टार्टअप उड़ान ने आधे से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, सेल्स और डिलीवरी वालों पर गिरी गाज
कोरोना संक्रमण के कारण कारोबार प्रभावित होने से यूनिकॉर्न स्टार्टअप उड़ान ने अपनी ग्राउंड फोर्स में से आधे से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार, जिन कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है वे ठेका पर काम करते थे। नौकरी से निकाले गए कर्मचारी सेल्स और डिलीवरी डिवीजन से जुड़े थे। उड़ान बी-2-बी सेगमेंट में देश का सबसे बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म होने का दावा करता है। यह उत्पादकों, ब्रांड्स, व्हाइट लेबल और आयातकों से सीधे रिटेलर्स और कारोबारियों को सामान की आपूर्ति करता है।
मेल के जरिए दी नौकरी से निकाले जाने की सूचना
स्टार्टअप उड़ान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कंपनी कोरोनावायरस महामारी के कारण रिटेल इंडस्ट्री में पैदा हुए संकट को देखते हुए स्टाफ का सही आकार में किया है। कंपनी ने कहा है कि अर्थव्यवस्था में मजबूती से बने रहने और कोरोना के कारण पैदा हुए अनिश्चित हालातों को देखते हुए स्टाफ को सही आकार दिया है। कंपनी ने बीते सप्ताह सभी कर्मचारियों को व्यक्तिगत तौर पर ई-मेल के जरिए नौकरी से निकाले जाने की सूचना दी। हालांकि, जितने भी कर्मचारी निकाले गए हैं, उनमें कोई भी कंपनी का ऑन रोल नहीं था।
बेंगलुरु से निकाले 200 से ज्यादा कर्मचारी
24 अप्रैल को उड़ान के कर्मचारियों के ऑफिशिल ट्विटर अकाउंट से भी कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने की सूचना दी गई। इस ट्विट में कहा गया कि उड़ान ने बेंगलुरु में बिना किसी नोटिस के आधी रात को 200 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। कंपनी ने कॉस्ट कटिंग का हवाला देते हुए इन कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है। नौकरी से निकालते समय कंपनी ने ना तो इन कर्मचारियों के बारे में सोचा और ना ही सरकारी नियमों की कोई परवाह की।
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