सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में फिर से प्रतिबंध लगाया जाए, वायरस ट्रांसमिशन के आधार पर हो स्कूल खोलने का फैसला: एंथोनी फौसी
अमेरिका के प्रसिद्ध संक्रामक रोक विशेषज्ञ डॉ. एंथोनी स्टीफन फौसी ने हाल के दिनों में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए सबसे प्रभावित राज्यों में फिर से प्रतिबंध की वकालत की है। फौसी ने सुझाव दिया कि कोरोना केसों की बढ़ती संख्या वाले राज्यों, खासतौर पर दक्षिणी राज्यों में गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता है।
बच्चों को स्कूल में रखने के अच्छे प्रयास करने चाहिए
वॉशिंगटन पोस्ट को दिए एक इंटरव्यू में फौसी ने कहा कि अमेरिका को स्कूल में बच्चों को रखने के लिए "जितना संभव हो सके उतना अच्छा" प्रयास करना चाहिए। साथ ही जोर देकर कहा कि स्कूलों को दोबारा खोलना का फैसला व्यक्तिगत समुदायों में वायरस ट्रांसमिशन के स्तर पर निर्भर रहना चाहिए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनावी अभियान में स्कूल खोलने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। अमेरिका में तीन महीने बाद राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं।
फ्लोरिडा, टेक्सास और कैलिफोर्निया में सबसे बुरे हालात
वॉशिंगटन पोस्ट के डाटा के मुताबिक, फ्लोरिडा, टेक्सास और कैलिफोर्निया में सबसे ज्यादा बुरे हालात हैं। इन तीनों राज्यों में गुरुवार को रिकॉर्ड 500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। फ्लोरिडा और टेक्सास ने एक दिन में सबसे ज्यादा मौतों का नया रिकॉर्ड बनाया है। व्हाइट हाउस के कोरोनावायरस टास्क फोर्स के को-ऑर्डिनेटर डेब्रो ब्रिक्स इन राज्यों की तुलना न्यूयॉर्क से कर रहे हैं, जो पहले अमेरिका का एपिसेंटर था।
प्रभावित लोगों में लंबे समय तक बना रहता है कोरोना
संक्रमण से प्रभावित लोगों में कोरोनावायरस लंबे समय तक बना रहता है। यह स्थिति उन लोगों में भी दिख रही है जिनको अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है। एक नई सीडीसी रिपोर्ट में रिसर्चर्स ने पाया कि कोविड-19 से प्रभावित 35 फीसदी लोग जो खुद इलाज में सक्षम थे, वे भी टेस्ट के दो से तीन सप्ताह बाद भी सामान्य स्थिति में नहीं लौट पाए।
राहत पैकेज खत्म होने के बाद छंटनी में इजाफा
कोरोना महामारी से बचने के लिए शुरू किया गया पे-चेक प्रोटेक्शन प्रोग्राम खत्म हो गया है। राहत पैकेज खत्म होने के बाद पूरे देश में छंटनी में इजाफा हुआ है। कई महीनों बाद पिछले महीने नए बेरोजगारों की संख्या में बढ़ोतरी हुई थी। अब व्हाइट हाउस और रिपब्लिकंश एक नए राहत पैकेज को लेकर मशक्कत कर रहे हैं।
20 फीसदी लोगों पर किराए का घर खाली करने का खतरा
बेरोजगारी बढ़ने के साथ फेडरल की ओर से दिया गया बेदखली का मोराटोरियम भी समाप्त होने के करीब पहुंच गया है। करीब 110 मिलियन अमेरिकी किराए के घरों में रहते हैं। इनमें से 20 फीसदी पर 30 सितंबर तक घर खाली करने का खतरा बन रहा है।
कौन हैं डॉ. फौसी
डॉ. एंथोनी फौसी महामारियों के एक्सपर्ट हैं और बीते चार दशकों से अमेरिका में काम कर रहे हैं। फौसी बीते तीन दशक से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्फीसियस डिसीज के डायरेक्टर हैं। 1980 में एड्स से लड़ाई में डॉ. फौसी फ्रंटलाइन पर रहे थे। इबोला और जीका वायरस जैसी महामारियों से लड़ाई में भी डॉ. फौसी का बड़ा योगदान रहा है।
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