लॉकडाउन में बुक की गई एयर टिकट की पूरी राशि होगी रिफंड, सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने दाखिल किया हलफनामा

नई दिल्ली। जिन लोगों ने घोर लॉकडाउन में एयर टिकट की बुकिंग की थी उनका रुपया 15 दिनों में वापस आ जाएगा। अगर लोगों ने ऐसी एयरलाइन से टिकट बुक कराया है, जो रुपया वापस करने की कंडीशन में नहीं है, तो वो कंपनियां ऐसे लोगों को 31 मार्च तक यात्रियों की पसंद की क्रेडिट शेल देंगी।यह प्रस्ताव उन सभी कंपनियों पर लागू किया गया है जो देश में घरेलू, अंतर्राष्ट्रीय और विदेशी एयरलाइनों का संचालन करती है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दिए हलफनामें में क्या कहा है।

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शुरुआती दो लॉकडाउन में बुकिंग का रिफंड होगा
सुप्रीम कोर्ट को दिए हलफनामे में नागर विमानन के निदेशक ओके गुप्ता के अनुसार डॉमेस्टिक एयरलाइन के लिए यदि टिकटों को सीधे एयरलाइन या एक एजेंट के माध्यम से पहले लॉकडाउन अवधि 25 मार्च-14 अप्रैल के दौरान 25 मार्च-3 मई के बीच पहली और दूसरी लॉकडाउन अवधि में यात्रा करने के लिए बुक किया गया था, तो ऐसे सभी मामलों में, एयरलाइंस द्वारा तुरंत पूरा रिफंड दिया जाएगा। यदि कंपनी आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है और रिफंड लौटाने में सक्षम नहीं है तो एकत्र किए गए किराये की राशि के बराबर यात्री को क्रेडिट शेल देंगी। यह क्रेडिट उसी पैसेंजर के नाम से जारी होगा जिसने टिकट बुक किया था।पैसेंजर अपनी पसंद से किसी भी मार्ग पर 31 मार्च, 2021 तक क्रेडिट शेल का इस्तेमाल करने में सक्षम होगा।

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किसी को भी ट्रांसर हो सकेगा क्रेडिट शेल
हलफनामे में केंद्र ने क्रेडिट शेल के यूज करने में देरी होने पर पैसेंजर को क्षतिपूर्ति देने के लिए इंसेन्टिव मैकेनिज्म दिया है। इसका मतलब यह हुआ कि 30 जून, 2020 तक टिकट रद्द होने की तारीख से, के्रडिट शेल के मूल्य में 0.5 फीसदी का इजाफा किया जाएगा। हलफनामे के अनुसार इसके बाद, क्रेडिट शेल के मूल्य को मार्च 2021 तक प्रति माह अंकित मूल्य के 0.75 फीसदी बढ़ोतरी होगी। क्रेडिट शेल ट्रांसफर भी किया जा सकेगा। यात्री क्रेडिट शेल किसी भी व्यक्ति को ट्रांसफर कर सकता है, और एयरलाइंस इस तरह के ट्रांसफर को मानना होगा। वहीं मार्च 2021 के अंत तक एयरलाइन क्रेडिट शेल धारक को नकद वापस कर देगी।

अगर नहीं लेना क्रेडिट शेल तो
सरकार की ओर से हफलनामे में कहा गया है कि अगर कोई क्रेडिट शेल नहीं लेना चाहता है तो मामूली ब्याज के साथ पूरा रिफंड मिलेगा। याचिकाकर्ता प्रवासी लीगल सेल का प्रतिनिधित्व करते हुए एडवोकेट जोस अब्राहम ने कहा कि सरकार की ओर से उठाए गए सभी कदम स्वागत योग्य है। इन कदमों से ना तो आम लोगों को दिक्कतों का सामना करनपा पड़ेगा और ना ही एयरलाइंस को मुश्किलें होंगी।



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