सिर्फ 1500 रुपए लेकर भारत आए थे धर्मपाल गुलाटी, छोटे से खोखे से शुरुआत कर MDH को 2000 करोड़ रु. का ब्रांड बनाया

MDH मसाले के मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी का गुरुवार सुबह 5.30 बजे हार्ट अटैक आने से उनका निधन हो गया। उन्होंने 98 साल की उम्र में आखिरी सांस ली है। वह मसाला किंग के रूप में मशहूर थे। उन्होंने कड़ी मेहनत के दम पर MDH को अंतरराष्ट्रीय ब्रांड बनाया है। आज हम आपको उनके जीवन के सफर के बारे में बताने जा रहे हैं।

पाकिस्तान विभाजन के समय भारत आए थे

धर्मपाल सिंह गुलाटी का जन्म 27 मार्च 1923 को पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ था। पाकिस्तान विभाजन के समय उनका परिवार अमृतसर आ गया था। कुछ समय बाद वे परिवार के साथ दिल्ली आ गए थे। जब वे दिल्ली आए थे तो उनके पास केवल 1500 रुपए थे। उनके सामने रोजगार का संकट था। 1500 रुपए में से 650 रुपए का घोड़ा-तांगा खरीद लिया और रेलवे स्टेशन पर तांगा चलाने लगे।

दिल्ली में तांगा चलता महाशय धर्मपाल गुलाटी। (फोटो- MDH वेबसाइट)

छोटे से खोखे से की मसाला बेचने की शुरुआत

महाशय धर्मपाल की किस्मत में कुछ और ही लिखा था। कुछ समय धर्मपाल ने तांगा अपने भाई को दे दिया और करोलबाग की अजमल खां रोड पर एक छोटा सा खोखा लगाकर महाशियां दी हट्टी (MDH) के नाम से मसाला बेचना शुरू कर दिया। उनके मसाले लोगों को इतने पसंद आए कि कुछ ही समय में उनकी दुकान मसालों की मशहूर दुकान बन चुकी थी।

1959 में लगाई पहली मसाला फैक्ट्री

धर्मपाल महाशय ने छोटी सी पूंजी के कारोबार शुरू किया था। धीरे-धीरे उन्होंने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में दुकानें खोलीं। मांग बढ़ने के साथ उन्हें फैक्ट्री लगाने की आवश्यकता महसूस हुई। लेकिन इसके लिए उनके पास पैसे नहीं थे। फिर उन्होंने बैंक से कर्ज लेकर 1959 में दिल्ली के कीर्ति नगर में अपनी पहली मसाला फैक्ट्री लगाई।

1969 में एमडीएच एगमार्क लैबोरेट्रीज के उद्घाटन समारोह में दिल्ली के मेयर हंसराज गुप्ता के साथ महाशय धर्मपाल गुलाटी। (फोटो- MDH वेबसाइट)

आज MDH की वैल्यू करीब 2000 करोड़ रुपए

धर्मपाल गुलाटी की मेहनत की बदौलत MDH आज करीब 2000 करोड़ रुपए का ब्रांड बन गया है। MDH की आज भारत और दुबई में करीब 18 फैक्ट्रियां हैं जिनमें तैयार मसाला कई देशों में बेचा जाता है। इस समय MDH के करीब 62 उत्पाद बाजार में हैं। कंपनी का दावा है कि उत्तर भारत के करीब 80% बाजार पर उसका कब्जा है। वे अपनी कंपनी के विज्ञापन खुद ही करते थे। उन्हें दुनिया का सबसे उम्रदराज ऐड स्टार भी माना जाता था।

एक फैशन शो में हिस्सा लेते MDH के फाउंडर महाशय धर्मपाल गुलाटी। (फोटो- MDH वेबसाइट)

पांचवीं तक पढ़े लेकिन FMCG सेक्टर के सबसे महंगे CEO

धर्मपाल गुलाटी सिर्फ कक्षा पांच तक पढ़े थे, लेकिन उन्होंने कारोबारी जगत में अपना लोहा मनवाया था। यूरोमॉनिटर के मुताबिक, धर्मपाल FMCG सेक्टर में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले CEO थे। 2018 में उनकी सैलरी सालाना 25 करोड़ रुपए इन-हैंड थी। हालांकि, वह अपनी सैलरी का करीब 90% हिस्सा दान कर देते थे। उनको सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पद्म भूषण भी सम्मानित किया जा चुका है।



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विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के साथ धर्मपाल सिंह गुलाटी। फोटो-MDH वेबसाइट।


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