2020 में विनिवेश के जरिए फंड जुटाने में 37% की कमी, इस साल अब तक 42,871 करोड़ रुपए जुटाए गए
कोरोना से प्रभावित कैलेंडर ईयर 2020 में सरकार की हिस्सेदारी बिक्री और इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से फंड जुटाने की योजना पर भी असर पड़ा है। प्राइम डेटाबेस के डाटा के मुताबिक, सरकार हिस्सेदारी बिक्री और IPO के जरिए इस साल अब तक 42,871.94 करोड़ रुपए जुटा पाई है। यह 2019 के 68,176.57 करोड़ रुपए के मुकाबले 37% कम है।
ETF के जरिए सबसे ज्यादा फंड जुटाया
2020 में सरकार ने सबसे ज्यादा फंड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) के जरिए जुटाया है। ETF के जरिए सरकार ने इस साल अब तक 16,500 करोड़ रुपए जुटाए हैं। यह जुटाए गए कुल फंड का 39% है। इसके बाद सरकार ने सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (CPSE) की बिक्री के जरिए 13,883 करोड़ रुपए जुटाए हैं। यह कुल फंड का 32% है। इसके अलावा पब्लिक ऑफरिंग से 10,988 करोड़ रुपए, बायबैक से 844 करोड़ रुपए और यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया से स्पेसिफाइड अंडरटेकिंग से रेमिटेंस के तौर पर 600 करोड़ रुपए जुटाए हैं।
घरेलू कंपनियों ने जुटाई रिकॉर्ड पूंजी
हालांकि, इसी दौरान घरेलू कंपनियों ने रिकॉर्ड पूंजी जुटाई है। 2020 में पब्लिक इक्विटी मार्केट के जरिए 1.7 लाख करोड़ रुपए की राशि जुटाई गई है। इसने 2017 के 1.6 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है। 2020 में 2019 के 82,241 करोड़ रुपए के मुकाबले दोगुना से ज्यादा राशि जुटाई गई है। जबकि 2018 में पब्लिक इक्विटी मार्केट के जरिए 62,651 करोड़ रुपए की राशि जुटाई गई थी।
IPO में रिटेल भागीदारी मजबूत रही
प्राइम डेटाबेस ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रणव हल्दिया का कहना है कि 2020 में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में मजबूत रिटेल भागीदारी और भारी लिस्टिंग गेन प्रमुख हाइलाइट रहे हैं। इसके अलावा इस साल क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट्स (QIP), इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) और रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (ReIT) के जरिए भी भारी मात्रा में फंड जुटाया गया है।
15 IPO के जरिए 26,611 करोड़ रुपए जुटाए गए
2020 में प्राइमरी मार्केट में 15 IPO जारी हुए। इन IPO में 26,611 करोड़ रुपए की राशि जुटाई गई। यह 2019 में 16 IPO से जुटाई गई 12,362 करोड़ रुपए के मुकाबले दोगुना से ज्यादा है। SBI कार्ड्स का 10,341 करोड़ रुपए की शेयर बिक्री वाला इस साल का सबसे बड़ा IPO रहा है। इस साल IPO की औसत डील साइज 1774 करोड़ रुपए रही है। हल्दिया का कहना है कि इस साल IPO की मजबूत लिस्टिंग के चलते इन्वेस्टर्स का रेस्पॉन्स स्थिर रहा है।
10 IPO ने 10% से ज्यादा का रिटर्न दिया
इस साल के कुल 15 से 14 IPO बाजार में लिस्ट हो चुके हैं। इसमें से 10 IPO ने निवेशकों को 10% से ज्यादा का रिटर्न दिया है। रिटर्न की गणना लिस्टिंग वाले दिन के क्लोजिंग प्राइस के आधार पर की गई है।
2020 में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले IPO
| कंपनी | रिटर्न |
| बर्गर किंग | 131% |
| हैपिएस्ट माइंड टेक्नोलॉजी | 123% |
| मिसेस बैक्टर्स फूड स्पेशियलिटी | 107% |
| रूट मोबाइल | 86% |
| रोसारी बायोटेक | 75% |
| कैमकॉन स्पेशियलिटी कैमिकल्स | 72% |
| ग्लैंड फार्मा | 21% |
| मझगांव डॉक | 19% |
| कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेज | 14% |
| लिखिता इंफ्रास्ट्रक्चर | 14% |
सोर्स: प्राइम डेटाबेस।
SME IPO सेगमेंट में भारी गिरावट
हालांकि, SME IPO सेगमेंट में इस साल भारी गिरावट दर्ज की गई है। 2020 में कुल 27 SME IPO बाजार में आए। इन IPO के जरिए कुल 159 करोड़ रुपए की राशि जुटाई गई। 2019 में कुल 51 SME IPO बाजार में आए थे जिनसे 624 करोड़ रुपए की राशि जुटाई गई थी।
राइट्स इश्यू के जरिए भी भारी-भरकम राशि जुटाई गई
2020 में राइट्स इश्यू के जरिए भी रिकॉर्ड राशि जुटाई गई है। इसमें 53,124 करोड़ रुपए का रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का राइट्स इश्यू भी शामिल हैं। प्राइम डेटाबेस के मुताबिक, 2020 में राइट्स इश्यू के जरिए 64,984 करोड़ रुपए का राशि जुटाई गई। यह 2019 में जुटाई गई 52,053 करोड़ रुपए की राशि से 25% ज्यादा है। इस साल 20 कंपनियों ने राइट्स इश्यू के जरिए राशि जुटाई है। 2019 में 12 कंपनियों ने राइट्स इश्यू जारी किए थे।
QIP के जरिए दोगुना फंड जुटाया
2020 में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए 26 कंपनियों ने रिकॉर्ड 84,501 करोड़ रुपए जुटाए हैं। यह एक कैलेंडर में QIP के जरिए जुटाई गई राशि का नया रिकॉर्ड है। 2019 के 35,238 करोड़ रुपए के मुकाबले इस साल दोगुना से ज्यादा फंड जुटाया गया है। ICICI बैंक ने QIP से सबसे ज्यादा 15 हजार करोड़ रुपए का फंड जुटाया है जो कुल फंड का 19% है।
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