भारत-चीन तनाव के कारण अमेरिकी कंपनी जनरल मोटर्स पर संकट, आखिरी प्लांट बेचने में हो सकती है देरी

भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव के कारण अमेरिकी कंपनी जनरल मोटर्स के सामने संकट खड़ा हो गया है। दरअसल, जनरल मोटर्स भारत में अपने महाराष्ट्र स्थित आखिरी प्लांट को क्रिसमस से पहले बेचना चाहती है। इस प्लांट को लेकर जनरल मोटर्स का चीन की सबसे बड़ी SUV निर्माता कंपनी ग्रेट वॉल मोटर्स के साथ 2,000 करोड़ रुपए में सौदा हो चुका है। लेकिन सरकार ने इस सौदे के प्रस्ताव को अभी तक मंजूरी नहीं दी है और इसे रोक दिया है।

जनरल मोटर्स ने बंद किया उत्पादन

महाराष्ट्र के तालेगांव स्थित इस प्लांट में जनरल मोटर्स ने गुरुवार को उत्पादन बंद कर दिया। इस सौदे के पूरा होते ही जनरल मोटर्स का भारत में ऑपरेशन पूरी तरह से बंद हो जाएगा। कंपनी ने 1996 में भारत में ऑपरेशन शुरू किया था। इससे पहले 2017 में जनरल मोटर्स गुजरात के हलोल में स्थित दूसरे प्लांट को चीन की SAIC को बेच चुकी है। इस प्लांट को फिलहाल MG मोटर्स इस्तेमाल कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, तालेगांव प्लांट में 1800 सैलरीड और घंटों के अनुसार काम करने वाले कर्मचारी कार्यरत हैं।

जनवरी में हुई थी जनरल मोटर्स-ग्रेट वॉल मोटर्स सौदे की घोषणा

तालेगांव प्लांट को लेकर जनरल मोटर्स और ग्रेट वॉल मोटर्स के बीच सौदे की घोषणा इसी साल जनवरी में हुई थी। इसी साल के दूसरे हाफ में इस सौदे के पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही थी। लेकिन जून में लद्दाख की गलवान घाटी में सीमा विवाद के बाद भारत सरकार ने चीन और अन्य पड़ोसी देशों से आने वाले निवेश को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए थे। साथ ही महाराष्ट्र सरकार ने जनरल मोटर्स-ग्रेट वॉल मोटर्स समेत 2 अन्य सौदों को रोक दिया था। यह सौदे करीब 5 हजार करोड़ रुपए की वैल्यू के थे।

कर्मचारियों को 25 जनवरी तक की सैलरी मिलेगी

जनरल मोटर्स ने अपने शॉप फ्लोर कर्मचारियों से कहा है कि उन्हें 25 जनवरी 2021 तक की सैलरी मिलेगी। जनरल मोटर्स इंडिया के प्रवक्ता ने इस सौदे को लेकर कोई हल निकलने की उम्मीद जताई है। प्रवक्ता का कहना है कि इस सौदे को पूरा करने के लिए दोनों कंपनियां सभी सरकारी अप्रूवल्स को लेकर संबंधित प्राधिकरणों के साथ लगातार संपर्क में हैं। कंपनी का कहना है कि वह प्रभावित कर्मचारियों को सेपरेशन पैकेज के तहत सपोर्ट करेगी।

प्लांट बंद करने के लिए जनरल मोटर्स के पास पर्याप्त फंड

जनरल मोटर्स का कहना है कि यदि ग्रेट वॉल मोटर्स से सौदे में देरी पर फंड नहीं मिलता है तो कंपनी के पास प्लांट बंद करने के लिए पर्याप्त फंड है। प्लांट को बंद करने के लिए कंपनी को कर्मचारियों को अलग करने वाले भुगतान की जरूरत होगी। साथ ही कर्मचारियों की छंटनी के लिए महाराष्ट्र सरकार की मंजूरी लेनी होगी। हालांकि, जनरल मोटर्स को उन कानूनों का डर है जिसके तहत यदि कर्मचारी अलग होने वाले भुगतान को चुनौती देते हैं तो कंपनी को कानूनी बाधा का सामना करना पड़ सकता है।

ग्रेट वॉल मोटर्स की भारत में 1 बिलियन डॉलर के निवेश की योजना

चीन की ग्रेट वॉल मोटर्स भारत में अलग-अलग चरणों में 1 बिलियन डॉलर करीब 7300 करोड़ रुपए के निवेश की योजना बना रही है। इसके तहत कंपनी ने देश में कार, पार्ट सप्लायर और डीलर्स की पहचान करनी शुरू दी है। साथ ही कंपनी रिसर्च एंड डेवलपमेंट, मॉडल लॉन्चिंग, सेल्स एंड मार्केटिंग पर भी निवेश करेगी। कंपनी अपने प्रमुख SUV हेवल और इलेक्ट्रिक व्हीकल भारत में लाने की योजना बना रही है। कंपनी के मुताबिक, इस निवेश से भारत में करीब 3 हजार लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
जनरल मोटर्स का कहना है कि यदि ग्रेट वॉल मोटर्स से सौदे में देरी पर फंड नहीं मिलता है तो कंपनी के पास प्लांट बंद करने के लिए पर्याप्त फंड है।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3rbBlul
via ATGNEWS.COM

Post a Comment

0 Comments