चीन की दर्जनों कंपनियों को अमेरिका ने ब्लैक लिस्ट में डाला, मानवाधिकार का उल्लंघन का आरोप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने अपने कार्यालय में अपने अंतिम सप्ताहों में चीन के साथ तनाव को और तेज कर दिया है। अमेरिका ने देश की शीर्ष चिपमेकर SMIC और चीनी ड्रोन निर्माता एसजेड डीजेआई टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड सहित दर्जनों चीनी कंपनियों को शुक्रवार को ब्लैकलिस्ट कर दिया।

छवि को चमकाने की कोशिश

इस कदम को व्यापार और कई आर्थिक मुद्दों पर वाशिंगटन और बीजिंग के बीच छिड़ी लंबी लड़ाई में अपनी छवि को चमकाने के रिपब्लिकन ट्रम्प के नए प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने कहा कि SMIC के खिलाफ कार्रवाई इसलिए की गई है क्योंकि बीजिंग सैन्य प्रयोजनों के लिए नागरिक टेक्नोलॉजी का दोहन कर रहा है और इससे उपजी चिंता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

विरोध की अनुमति नहीं देगा

सचिव विल्बर रॉस ने एक बयान में कहा कि कॉमर्स डिपार्टमेंट एडवांस अमेरिकी टेक्नोलॉजी को सेना के विरोध में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा। डिपार्टमेंट ने यह भी कहा कि वह एजीसीयू Scientech के साथ-साथ दुनिया की सबसे बड़ी ड्रोन कंपनी डीजेआई और कुआंग-ची ग्रुप को कथित तौर पर मानवाधिकारों का हनन करने के लिए ब्लैकलिस्ट की सूची में डाल रहा है। विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने एक अलग रिलीज में कहा कि अमेरिका उपलब्ध सभी उपायों का उपयोग करेगा, जिसमें (चीनी) कंपनियों द्वारा टेक्नोलॉजी का बेजा इस्तेमाल और अमेरिकी वस्तुओं और टेक्नोलॉजी का शोषण रोकने की कार्रवाई भी शामिल है।

लेकिन अमेरिका के कुछ सांसदों, उद्योग के अधिकारियों ने SMIC के खिलाफ शुक्रवार के कदम के प्रभाव के बारे में सवाल उठाए हैं। आम तौर पर, लिस्टेड कंपनियों को कॉमर्स डिपार्टमेंट से लाइसेंस के लिए आवेदन करना आवश्यक है जिनकी काफी कड़ाई से स्क्रूटिनी की जाती है।

चुनौती का सामना करना होगा

SMIC को तब भी कठिन समीक्षा स्टैंडर्ड का सामना करना पड़ेगा जब यह 10 नैनोमीटर या इससे छोटे और अत्यधिक उन्नत अमेरिकी चिपमेकिंग इक्विपमेंट के लिए लाइसेंस चाहेगा। कॉमर्स डिपार्टमेंट ने कहा कि कंपनी को भेजे गए अन्य सभी आइटम्स के लिए लाइसेंस की समीक्षा हर मामले के आधार पर की जाएगी। हम इसे बुरे लोगों की लिस्ट में डाल रहे हैं। कॉमर्स विभाग के पूर्व अधिकारी विलियम रेन्स ने कहा कि एजेंसी पहले से ही SMIC को ब्लैकलिस्ट करने का माहौल बना रही थी।

डराने वाला कदम था

हाउस फॉरेन अफेयर्स कमिटी के सदस्य रिपब्लिकन प्रतिनिधि माइकल मैक काल ने भी रेन्स से सहमति जताई और कहा कि यह कदम डराने के लिए ज्यादा था। उहोंने एक बयान में कहा कि मुझे चिंता है कि यह इरादे से भटका हुआ है, और इससे अमेरिका के एक्सपोर्ट कंट्रोल से बचने का रास्ता निकाल सकते हैं। लेकिन चीनी अधिकारियों ने वाशिंगटन के इस ब्लैकलिस्टिंग वाले क़दम का खुलकर विरोध किया।

शुक्रवार को एशिया सोसायटी को संबोधित करते हुए चीन के राज्य कॉउंसिलर वांग यी ने अमेरिकी प्रतिबंधों की लिस्ट को नोट किया और वाशिंगटन से चीनी कंपनियों पर मनमाने दमन को रोकने का आह्वान किया।

बीजिंग अधिकारों की रक्षा करेगा

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अगर यह सच है, तो ब्लैकलिस्टिंग करना चीनी कंपनियों के अमेरिकी उत्पीड़न का सबूत होगा। बीजिंग अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करना जारी रखेगा। मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने शुक्रवार को बीजिंग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हम अमेरिका से अपील करते हैं कि वह विदेशी कंपनियों का अनुचित उत्पीड़न करने वाला गलत व्यवहार बंद करे।

70 कंपनियों की लिस्ट जारी

कॉमर्स डिपार्टमेंट ने ब्लैकलिस्ट 70 कंपनियों और सहयोगी कंपनियों की लिस्ट जारी की, जिसमें 60 चीनी कंपनियां शामिल हैं। एजेंसी ने कहा कि कॉमर्स डिपार्टमेंट ने चीन की उन कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया है जो कथित तौर पर मानव अधिकारों के हनन और साउथ चाइना सी में कृत्रिम द्वीपों के सैन्यीकरण में लिप्त हैं। इनमें वे कंपनियां भी शामिल हैं जिन्होंने अमेरिकी ट्रेड सीक्रेट को चुरा कर चाइना का मिलिट्री बेस स्थापित करने में मदद की।

इससे पहले भी कंपनियों पर बैन

इससे पहले जिन कंपनियों को प्रतिबंधित किया जा चुका है उसमें इक्विपमेंट की निर्माता हुआवे टेक्नोलॉजी, जेडटीई कॉर्प, हिकविजन के साथ 150 दूसरी संबंधित कंपनियां हैं। इनमें से कुछ एक कंपनियों पर चाइना के उइघुर मुसलमानों के मानवाधिकार का उल्लंघन करने का आरोप है। SMIC (सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इंटरनेशनल कॉर्प) का शेयर शुक्रवार को हांगकांग में 5.2% गिर गया। SMIC पहले से ही वाशिंगटन के नजरों में चढ़ा हुआ था।

सितंबर में कॉमर्स डिपार्टमेंट ने सप्लायर्स के लिए निर्यात लाइसेंस के नियमों को सख्त बना दिया गया था।

पिछले महीने बनी थी लिस्ट

पिछले महीने डिफेंस डिपार्टमेंट ने एक अलग से ब्लैक लिस्ट बनाई जिसमें उन चीनी मिलिट्री कंपनियों को जोड़ा गया जो अगले साल से अमेरिकी निवेशकों को शेयर खरीदने से प्रतिबंधित कर रही थी। SMIC ने कई बार कहा है कि उसका चीनी सेना से कोई संबंध नहीं है। SMIC सबसे बड़ा चीनी चिप निर्माता है, लेकिन ताइवान से पीछे है। इसमें कंप्यूटर चिप्स के निर्माण के लिए फाउंड्री बनाने की मांग की है जो टीएसएमसी के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं।

अमेरिका और चीन के रिश्ते में तनाव

वाशिंगटन और बीजिंग के बीच संबंध पिछले एक साल में काफी बिगड़ गए हैं क्योंकि दुनिया की शीर्ष दो अर्थव्यवस्थाओं कोरोना वायरस महामारी के प्रसार साउथ चाइना सी में मिलिट्री बेस का निर्माण और हांगकांग में मानवाधिकार के उल्लंघन को लेकर आपस में जंग छिड़ा हुआ है।



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